बांद्रा में चार घंटे: चर्च के बाहर से आवासीय गलियों तक, इमारतों और सड़क का रिश्ता देखें
1. मशहूर ठिकानों की सूची छोड़ें, सड़क और घर की दहलीज़ पर ध्यान दें
दक्षिण मुंबई की बड़ी सार्वजनिक इमारतें देखने के बाद बांद्रा शहर को देखने का एक अलग तरीका देता है। पहले St Andrew’s Church के बाहर सार्वजनिक सड़क से इस सामुदायिक इमारत को देखें। फिर Ranwar, Veronica Road और Waroda Road के आसपास ध्यान दें कि घरों के सामने का हिस्सा सड़क से कैसे जुड़ता है। इस सैर में बरामदे, छतें, गलियों के मुहाने और रोज़मर्रा की आवाजाही मुख्य हैं; चर्च के सभी अंदरूनी हिस्से, निजी घर या प्रसिद्ध लोगों के पते ढूँढ़ना इसका उद्देश्य नहीं है।
निकलने से पहले चर्च की आधिकारिक वेबसाइट और अलग-अलग सेवाओं की समय-सारणी देखें। मिस्सा, पवित्र परमप्रसाद की आराधना, कब्रिस्तान और कार्यालय के समय अलग दिए गए हैं। ये पर्यटकों के लिए एक साझा प्रवेश-समय नहीं हैं। सैर का आधार सार्वजनिक सड़क से दिखने वाला बाहरी रूप है; इसे पूरा करने के लिए चर्च में जाना ज़रूरी नहीं। धार्मिक आयोजन, भीड़ या प्रवेश-नियंत्रण हो तो पहले रास्ता छोड़ें, फिर देखें कि बिना बाधा बने कहीं और से देख सकते हैं या नहीं। खाली दृश्य की तस्वीर के इंतज़ार में दरवाज़े पर खड़े रहने की ज़रूरत नहीं।
चार घंटे Hill Road पर St Andrew’s Church के बाहर की सार्वजनिक सड़क से शुरू होते हैं और Hill Road के पास की सार्वजनिक सड़क पर समाप्त होते हैं। बांद्रा तक का सफ़र, स्टेशन या ठहरने की जगह से शुरुआती बिंदु तक पहुँचना और अंत के बाद का सफ़र अलग जोड़ें। कम चलना हो या सीढ़ियों से बचना हो तो उस दिन के प्रवेश, सड़क की स्थिति और उपलब्ध परिवहन की जाँच पहले करें। नीचे पैदल चलने के लिए रखा समय किसी दूरी, लगातार सीढ़ी-रहित रास्ते या सुरक्षित आवागमन की गारंटी नहीं है।
2. दोपहर का खाना, रास्ता ढूँढ़ना और आराम भी चार घंटों में गिनें
नीचे 09:30 से 13:30 तक कुल 240 मिनट का संपादकीय उदाहरण है। यह चलकर मापा गया रिकॉर्ड नहीं, न ही चर्च या इलाके की ओर से सुझाई गई यात्रा-अवधि है। उस दिन खुले और इस्तेमाल किए जा सकने वाले सार्वजनिक सड़क-खंड चुनें। निजी प्रवेश, निर्माण या रुकने के लिए अनुपयुक्त जगह मिले तो सार्वजनिक सड़क पर लौटकर योजना बदलें। चक्कर पूरा करने के लिए किसी गली में ज़बरदस्ती आगे न बढ़ें।
| समय | मिनट | कार्यक्रम और उसमें शामिल समय |
|---|---|---|
| 09:30–09:45 | 15 | शुरुआत की तैयारी: स्थिति और दिशा समझना 10, उचित सार्वजनिक जगह तक चलना 5 |
| 09:45–10:20 | 35 | चर्च का बाहरी रूप: सार्वजनिक सड़क पर चलना 10, देखना 25 |
| 10:20–10:40 | 20 | चुने हुए आवासीय सड़क-खंड तक: चलना 15, सड़क पार करने का इंतज़ार और रास्ता देखना 5 |
| 10:40–11:20 | 40 | Ranwar के चुने हुए हिस्से को देखना: चलना 15, रुककर देखना 25 |
| 11:20–11:35 | 15 | खाने की जगह तक: चलना 10, मेनू और सीट देखना 5 |
| 11:35–12:35 | 60 | दोपहर का खाना: ऑर्डर और इंतज़ार 15, खाना 30, खाने के बाद आराम 15 |
| 12:35–13:00 | 25 | Waroda या पास के खुले सार्वजनिक हिस्से में तुलना: चलना 10, देखना 15 |
| 13:00–13:20 | 20 | बैठकर देखी बातों पर विचार: जगह ढूँढ़ना या ऑर्डर देना 5, आराम 15 |
| 13:20–13:30 | 10 | Hill Road की चुनी हुई सार्वजनिक जगह तक लौटना: चलना 5, आगे के सफ़र की तैयारी 5 |
आखिरी दस मिनट पास ही रहकर सैर समाप्त करने के लिए हैं; इनमें रेलवे प्लेटफ़ॉर्म तक पहुँचना शामिल नहीं है। खाने के बाद कौन-सा हिस्सा देखना है, यह चुनते समय वापसी की जगह भी देख लें। वास्तव में चलने में अधिक समय लगे तो अभी शुरू न हुआ देखने का हिस्सा कम करें या समाप्ति का समय आगे बढ़ाएँ। रास्ता ढूँढ़ने में देर हुई हो तो खाने और आराम के पूरे समय को खाली मानकर इस्तेमाल न कर लें।
3. St Andrew’s का बाहरी रूप देखें, और सड़क से उसका संबंध भी
चर्च का इतिहास कई मरम्मतों और विस्तारों का उल्लेख करता है, साथ ही हाल की बहाली के बाद फिर से हुए अभिषेक का भी। इसलिए पुरानी निर्माण-संबंधी खबर को आज भी पूरा चर्च बंद होने का प्रमाण नहीं मानना चाहिए। इसके उलट, बहाली पूरी होने का अर्थ यह भी नहीं कि किसी भी समय अंदर खुला प्रवेश मिलेगा। सब कुछ देखने के आग्रह से बेहतर है कि उस समय जिन जगहों पर रुकने की अनुमति हो, वहीं से ध्यान देकर देखें।
पहले इमारत की पूरी आकृति देखें, फिर उसके और सड़क के बीच की दूरी पर ध्यान दें। प्रवेश के सामने लोगों को रास्ता देना पड़ता है? दीवार अलग-अलग गतिविधियों की जगह कैसे बाँटती है? सामने की रेखाएँ नज़र को ऊपर कैसे ले जाती हैं? एक साफ़ दिखाई देने वाला ब्योरा चुनें, जैसे दरवाज़ों और खिड़कियों का अनुपात या छत का किनारा। फिर दोबारा पूरी इमारत देखें। यह देखने का तरीका है, हर कोने तक पहुँचने या बाड़ के भीतर कैमरा बढ़ाने की वजह नहीं।
यह अब भी आस्था और समुदाय के इस्तेमाल का स्थान है। लोगों के आने-जाने पर कैमरा नीचे कर लें। जो लोग तस्वीर में नहीं आना चाहते, उनकी तस्वीर न खींचें, और कब्रिस्तान को तस्वीर लेने के लिए छोटा रास्ता न बनाएँ। अंदर जाना चाहें तो वहाँ के कर्मचारियों से आगंतुक नियम, धार्मिक कार्यक्रम और फ़ोटोग्राफ़ी की अनुमति अलग से पूछें। अनुमति मिल जाए तब भी बचे समय के अनुसार आगे की योजना बदलें, मूल 35 मिनट के ऊपर एक और गतिविधि न जोड़ें। अंदर न जाने पर भी बाहरी रूपों की तुलना सार्थक रहती है।
4. बरामदे और छतें सार्वजनिक सड़क से देखें, घर के दरवाज़े को दृश्य-सज्जा न समझें
MMR Heritage Conservation Society की ओर से करवाए गए बांद्रा बस्ती के अध्ययन में Ranwar, Waroda Road और Chapel Road के इलाकों को अलग दर्ज किया गया है। इसमें ढलवाँ छतों, सड़क की ओर खुलते बरामदों और आवासीय इमारतों के आकार पर चर्चा है। यह ऐतिहासिक अध्ययन है। देखने के लिए प्रश्न तैयार करने में मददगार है, आज की हर गली का रास्ता बताने वाला नक्शा नहीं। इससे यह भी सिद्ध नहीं होता कि हर इमारत आज उसी रूप में बची है।
अध्ययन में सामने के बरामदे या इमारत के बाहर लगातार फैले बरामदे, नक्काशीदार रेलिंग, लकड़ी के सजावटी पैनल और रंगीन काँच जैसे ब्योरे दर्ज हैं। ये ऐतिहासिक विवरण हैं, आज ज़रूर दिखाई देने वाली चीज़ों की सूची नहीं। चुनी हुई सार्वजनिक सड़क से ध्यान दें कि बरामदा सड़क और घर के दरवाज़े के बीच एक अतिरिक्त जगह कैसे बनाता है, और रेलिंग या पैनल नज़र के रास्ते को कैसे बाँटते हैं। खिड़की का हिस्सा साफ़ दिखे तो रोशनी आने देने वाले भाग की तुलना ठोस दीवार से करें। दो-तीन स्पष्ट उदाहरण पर्याप्त हैं। किसी ब्योरे की पुष्टि के लिए निजी जगह में न जाएँ, और सजावट देखकर घर के मालिक की पहचान, इमारत की उम्र या उसके कथित असली रूप का फैसला न करें।
चर्च की समुदायों की सूची में आज भी Ranwar, Veronica Road और Waroda Road जैसे इलाके हैं। यह याद दिलाता है कि लोग यहाँ रहते और काम करते हैं। सूची हर छोटी सड़क या आँगन में प्रवेश की अनुमति नहीं है। सार्वजनिक और निजी जगह की सीमा स्पष्ट न हो तो अंदर झाँकने न बढ़ें। कोई सामान ले जा रहा हो, दरवाज़ा खोल रहा हो या रास्ता चाहता हो तो पहले हट जाएँ। घर की सीढ़ी पर टेक लगाकर न बैठें, सामान न खिसकाएँ और इमारत की तस्वीर के लिए निवासियों से फ़्रेम से हटने को न कहें।
इन 40 मिनटों में सभी गलियाँ देखने की ज़रूरत नहीं। छत और प्रवेश के बीच कोई दिलचस्प संबंध दिख जाए तो अगली तस्वीर खोजने के बजाय उसे समझने के लिए रुकें। संकरी सड़क पर वाहन या भीड़ हो तो अधिक चौड़ी और सुरक्षित सार्वजनिक जगह पर लौटें। छोटी सड़क को पूरे दिन पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित न मान लें। दीवार पर कलाकृतियाँ हों तब भी हर एक की तस्वीर लेना ज़रूरी नहीं। इस सैर में घर और सड़क के मिलने का तरीका अधिक महत्त्वपूर्ण है।
5. पूरा खाना खाएँ, फिर छोटे-से हिस्से में तुलना करें
खाने का समय करीब आए तो मेनू और सीट पहले देखें। ऐसी जगह चुनें जहाँ अपनी खाने-संबंधी ज़रूरतें समझा सकें, कीमत साफ़ हो और प्रतीक्षा स्वीकार्य हो। बैठने से पहले मात्रा और हर व्यक्ति के लिए अलग ऑर्डर की शर्त पूछ लें। तालिका के 60 मिनट में ऑर्डर व इंतज़ार के 15, खाने के 30 और उसके बाद आराम के 15 मिनट हैं। इससे पहले के 15 मिनट खाने की जगह तक चलने और सीट ढूँढ़ने के लिए अलग हैं। लंबी कतार हमेशा इंतज़ार के लायक नहीं होती। पूरे कार्यक्रम को एक नाम के इर्द-गिर्द घुमाने से बेहतर है कोई दूसरी उपयुक्त जगह चुनना।
दोपहर के खाने, पीने के पानी और एक पेय के लिए प्रति व्यक्ति 700 रुपये की निजी खर्च-सीमा रख सकते हैं। यह खर्च सँभालने का उदाहरण है, किसी स्थानीय तय भोजन की कीमत नहीं, और हर दुकान इसमें आएगी इसकी गारंटी भी नहीं। पहले मुख्य भोजन और पानी की रकम बचाएँ, फिर अतिरिक्त चीज़ें लेने का फैसला करें। आने-जाने का परिवहन, खरीदारी और अन्य खर्च अलग हैं। इन चार घंटों में चखने की लंबी सूची नहीं रखी गई है, न ही एक पेय को दोपहर के खाने का विकल्प माना गया है।
खाने के बाद के 25 मिनटों में पास का इस्तेमाल योग्य Waroda वाला हिस्सा या कोई दूसरा पुष्ट सार्वजनिक सड़क-खंड चुनें। सुबह के प्रश्न फिर देखें। चर्च के बाहरी भाग की तुलना में घर का प्रवेश सड़क से कितनी अलग दूरी पर है? एक बरामदा मुख्य रूप से आने-जाने की जगह लगता है, जबकि दूसरा बाहर से दिखाई देने वाली वास्तु की परत कैसे बनता है? जवाबों के लिए निवासियों के निजी जीवन में उतरना या अलग-अलग समय की इमारतों को बेहतर-बदतर ठहराना आवश्यक नहीं।
इसके बाद बैठने के लिए 20 मिनट रखें: जगह ढूँढ़ने या ऑर्डर देने के पाँच और आराम के 15 मिनट। दुकान की सीट इस्तेमाल करें तो खरीदारी की शर्त पहले पूछें। उचित जगह न मिले तो घर की सीढ़ी को सार्वजनिक सुविधा न समझें। उस समय रुकने की अनुमति वाली जगह चुनें या आराम बचाने के लिए आगे का कार्यक्रम बदलें। अंत में परिवहन खोजने निकलने से पहले सार्वजनिक जगह पर रुककर अगला सफ़र तय करें।
6. देर होने पर अभी शुरू न हुआ देखने का समय घटाएँ
सुबह 15 मिनट पीछे हों तो Ranwar में अभी शुरू न हुए 25 मिनट के निरीक्षण को 10 मिनट कर सकते हैं। चलने और खाने का समय बचाए रखें। कुल 30 मिनट की देरी हो तो खाने के बाद का अभी शुरू न हुआ 15 मिनट का निरीक्षण भी हटाएँ, लेकिन चलने का समय रखें। इसका मतलब पूरा वापसी-खंड हटाना नहीं है। देरी का पता लगने तक ये हिस्से पूरे हो चुके हों तो बीता समय वापस नहीं घटाया जा सकता। आगे का रास्ता कम करें, सैर जल्दी समेटें या समाप्ति आगे बढ़ाएँ।
चर्च के बाहर आयोजन या नियंत्रण हो तो वहाँ देखना छोटा करें या छोड़ दें और इलाके वाले हिस्से की योजना फिर बनाएँ। उस दिन मूल योजना के दो वास्तु-प्रकारों की तुलना नहीं हुई, बस इतना ही; इंतज़ार करके उसकी भरपाई ज़रूरी नहीं। आवासीय गली में निजी जगह का संकेत, निर्माण या असुविधाजनक रास्ता मिले तो ज्ञात सार्वजनिक सड़क पर लौटें और दूसरा दिखने वाला उदाहरण चुनें। निवासियों के आने-जाने के दरवाज़े से छोटा रास्ता निकलने का अनुमान न लगाएँ।
तेज़ बारिश, बहुत गर्मी या तबीयत खराब होने पर पानी, भोजन और सुरक्षित वापसी को पहले रखें। तालिका से अधिक आराम चाहिए तो समय बढ़ाएँ या रास्ता घटाएँ; चार घंटे निभाने के लिए तेज़ न चलें। सड़क और इमारत के आकार के एक-दो फर्क खुद समझ पाना, और किसी के घर की दहलीज़ पर कहाँ ठहर जाना चाहिए यह जानना, इस सैर की अच्छी याद हो सकती है।